बालोद (छत्तीसगढ़) | मार्च 2026
छत्तीसगढ़ शासन के वन मंत्री के सख्त निर्देशों और 'सुशासन' की प्राथमिकता का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। बालोद जिले में अवैध लकड़ी के काले कारोबार पर नकेल कसते हुए वन विभाग ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया है। डीएफओ अभिषेक अग्रवाल के नेतृत्व में विभाग की संयुक्त टीम ने गुंडरदेही सर्किल की आधा दर्जन आरा मिलों पर दबिश देकर दो प्रमुख मिलों को सील कर दिया है।
कार्रवाई का मुख्य विवरण
सोमवार को वन विभाग के उड़नदस्ता एवं क्षेत्रीय अधिकारियों की संयुक्त टीम ने अर्जुन्दा और ग्राम मटेवा क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान भारी अनियमितताएं और अवैध लकड़ियों का जखीरा मिलने पर निम्नलिखित मिलों पर तत्काल कार्रवाई की गई:
सत्य सांई मिल (अर्जुन्दा): यहाँ प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ियों का अवैध रूप से उपयोग और भंडारण पाया गया।
हरिओम सॉ मिल (ग्राम मटेवा): इस मिल में बिना किसी वैध परमिट के भारी मात्रा में 'अर्जुन' प्रजाति की लकड़ी बरामद की गई।
विभागीय टीम ने दोनों मिलों को सील कर दिया है और परिसर सहित समीपवर्ती खेतों से अवैध लकड़ी को जब्त कर लिया गया है।
कड़ी निगरानी में संदेही क्षेत्र
विभागीय सूत्रों के अनुसार, राजस्व भूमि से 'कहुआ' के पेड़ों की अवैध कटाई और परिवहन की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध परिवहन में शामिल कई ट्रकों को पहले ही पकड़ा जा चुका है और अब इस चैन की जड़ यानी 'आरा मिलों' पर प्रहार शुरू हो गया है।
अधिकारियों का संदेश: "जारी रहेगी कार्रवाई"
डीएफओ अभिषेक अग्रवाल ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा:
"प्रदेश में सुशासन की सरकार है और माननीय वन मंत्री जी के स्पष्ट आदेश हैं कि अवैध कटाई और कारोबार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गुंडरदेही-अर्जुन्दा क्षेत्र में यह विशेष अभियान केवल शुरुआत है। आने वाले दिनों में कई अन्य आरा मिलों पर भी बड़ी कार्रवाई की जाएगी। अवैध परिवहन और कटाई को रोकना हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।"
प्रमुख बिंदु:
6 आरा मिलों में एक साथ दी गई दबिश।
राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम सक्रिय।
अवैध परिवहन में लिप्त वाहनों
की जब्ती जारी।
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