बालोद जिले में गुण्डरदेही तंदूला की छाती चीरकर हो रहे रेत के अवैध खेल पर आखिरकार प्रशासन ने अपनी नींद तोड़ी है, लेकिन यह कार्रवाई ठोस कदम से ज्यादा 'डैमेज कंट्रोल' नजर आ रही है। राजनांदगांव में निलंबित रह चुके विवादित माइनिंग अधिकारी प्रवीण चंद्राकर की कार्यप्रणाली पर अब सवाल उठने लगे हैं।

लगातार मीडिया में आ रही खबरों के बाद 30 अप्रैल को खनिज विभाग ने गुंडरदेही ब्लॉक में दबिश देकर 5 ट्रैक्टर जब्त किए। तंदूला नदी से बिना नंबर की गाड़ियां रोज धड़ल्ले से रेत निकाल रही हैं, पर विभाग की सुस्ती चर्चा का विषय बनी हुई है। जब्त ट्रैक्टरों को गुंडरदेही और अर्जुन्दा थाने में खड़ा कराया गया है। सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई केवल सुर्खियां बटोरने के लिए है या अवैध उत्खनन के बड़े खिलाड़ियों पर भी शिकंजा कसेगा?
विकल्प 2: संतुलित और सूचनात्मक (सरकारी कार्रवाई पर फोकस)
हेडलाइन: गुण्डरदेही बालोद रूट पर रेत माफिया के खिलाफ एक्शन: न्यूज का असर, 5 ट्रैक्टर जब्त
बालोद:
बालोद कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के सख्त निर्देश के बाद खनिज विभाग ने रेत के अवैध परिवहन पर कार्रवाई शुरू कर दी है। गुरुवार को खनिज विभाग की टीम ने गुंडरदेही क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया, जहां अवैध खनन और परिवहन में लगे 5 ट्रैक्टरों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
कार्रवाई का विवरण:
कुल जब्ती: 05 ट्रैक्टर (रेत से लदे हुए)।
थाना गुंडरदेही: 03 ट्रैक्टर पुलिस कस्टडी में।
थाना अर्जुन्दा: 02 ट्रैक्टर पुलिस कस्टडी में।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इन सभी पर खान व खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 के तहत मामला दर्ज किया गया है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि नदियों से बिना नंबर की गाड़ियों का गुजरना अब भी जारी है, जिस पर स्थायी लगाम लगाना जरूरी है।
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