Balod

खबर का बड़ा असर: अर्जुनदा तहसीलदार ने ईंट भट्टे पर मारा छापा, 70 हजार ईंटें जब्त; पर माइनिंग विभाग अब भी मौन।

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बालोद/अर्जुनदा: पत्रकार सपना माधवानी की रिपोर्ट 

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क्षेत्र में अवैध ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ न्यूज़ द्वारा प्रमुखता से दिखाई गई खबर का व्यापक असर देखने को मिला है। खबर के प्रसारण के बाद प्रशासन हरकत में आया और राजस्व विभाग ने अर्जुनदा तहसील के अंतर्गत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। हालांकि, इस पूरी कार्रवाई के बीच जिला माइनिंग अधिकारी प्रवीण चंद्राकर की चुप्पी और निष्क्रियता पर अब भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। यह वही माइनिंग अधिकारी हैं जिसे राजनदगांव में अवैध रेत मामले में निलंबित कर चुका है शासन पर पुनः यह बालोद जिले को शशांक सोनी के साथ मिलकर भ्रष्टाचार का केंद्र बालोद को बना रहा है अभी हुई

कार्रवाई का विवरण

अर्जुनदा तहसीलदार चंद्रशेखर चंद्राकर के नेतृत्व में राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने ग्राम खुटेरी (खेरुड) में किसान लक्ष्मी बाई की जमीन पर संचालित ईंट भट्टे का औचक निरीक्षण किया। ग्रामीणों ने शिकायत की थी कि भट्टे से उड़ने वाली धूल और कंकड़ से राहगीरों को भारी परेशानी हो रही थी।

जांच के दौरान नियमों की अनदेखी पाए जाने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए:

45 हजार कच्ची ईंटें जब्त कीं।

25 हजार पकी ईंटें जब्त कीं।

जब्त माल को स्थानीय सरपंच रोमेंद्र कुमार टेमरे की सुपुर्दगी में दे दिया गया है।

माइनिंग अधिकारी की भूमिका पर सवाल

जहाँ एक ओर तहसीलदार और उनकी टीम ने मौके पर मुस्तैदी दिखाते हुए नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगाम कसी, वहीं दूसरी ओर जिले के माइनिंग अधिकारी प्रवीण चंद्राकर इस पूरे मामले में 'टस से मस' नहीं हुए हैं। Headlines news के खुलासे और राजस्व विभाग की कार्रवाई के बावजूद खनिज विभाग की सुस्ती यह संकेत दे रही है कि विभाग अवैध उत्खनन और अवैध भट्टों को लेकर गंभीर नहीं है।

चेतावनी और संदेश

तहसीलदार चंद्रशेखर चंद्राकर ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी सूरत में अवैध ईंट भट्टों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सभी संचालकों को नियमों का पालन करने और आवश्यक वैध अनुमति प्राप्त करने की सख्त हिदायत दी है।

इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि साधना न्यूज़ जनता की समस्याओं को उठाने और प्रशासन को जगाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, लेकिन अब देखना यह होगा कि माइनिंग विभाग अपनी कुंभकर्णी नींद से कब जागता है।

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