होम / Balod / गुंडरदेही क्षेत्र के सिकोसा-खुटेरी में रेत माफियाओं का आतंक: तांदुला नदी का सीना चीरकर धड़ल्ले से हो रही अवैध माइनिंग, ग्रामीणों में भारी आक्रोश।
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बालोद जिले में पदस्थ विवादास्पद माइनिंग अधिकारी प्रवीण चंद्राकर के संरक्षण में फल-फूल रहा अवैध कारोबार!

ग्रामीणों से रोज हो रहा वाद-विवाद, कभी भी घट सकती है बड़ी खूनी गैंगवार या दुर्घटना।
राजनांदगांव गोलीकांड में निलंबित अधिकारी को बालोद की कमान मिलने पर उठे गंभीर सवाल।
बालोद/गुंडरदेही: गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सिकोसा से खुटेरी के बीच तांदुला नदी में रेत माफियाओं द्वारा खुलेआम और बेखौफ होकर रेत की चोरी की जा रही है। माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे दिन-रात नदी का अस्तित्व खत्म करने में जुटे हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। रेत के इस अवैध परिवहन के कारण ग्रामीणों को आए दिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, और विरोध करने पर माफियाओं के गुर्गे ग्रामीणों से वाद-विवाद और गाली-गलौज पर उतारू हो जाते हैं। क्षेत्र में स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो चुकी है कि यहाँ कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना या खूनी संघर्ष रूपी दुर्घटना जन्म ले सकती है।
संरक्षण के घेरे में माइनिंग अधिकारी!
ग्रामीणों और स्थानीय सूत्रों का सीधा आरोप है कि इस पूरे अवैध कारोबार को वर्तमान जिला खनिज अधिकारी प्रवीण चंद्राकर का कथित तौर पर मूक संरक्षण प्राप्त है। गौरतलब है कि खनिज अधिकारी प्रवीण चंद्राकर का पुराना रिकॉर्ड बेहद विवादास्पद रहा है। राजनांदगांव में पदस्थापना के दौरान हुए एक कुख्यात गोलीकांड के मामले में उन्हें सेवा से निलंबित किया गया था। ऐसे गंभीर आरोपों से घिरे अधिकारी को बालोद जिले की कमान सौंपे जाने के बाद से ही जिले में रेत माफिया सक्रिय हो गए हैं। बड़े-बड़े रसूखदार माफियाओं को शह देकर तांदुला नदी से करोड़ों रुपये की रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से करवाया जा रहा है, जिससे शासन को राजस्व की भारी चपत लग रही है।
प्रशासन और पुलिस की चुप्पी पर उठे सवाल
इस खुलेआम चल रही लूट को लेकर अब जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उंगलियां उठने लगी हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
ग्रामीणों की मांग: > "अब देखना यह होगा कि बालोद कलेक्टर और पुलिस प्रशासन इस गंभीर मामले का संज्ञान कब तक लेते हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि नदी को बचाने और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस अवैध रेत चोरी पर तुरंत रोक लगाई जाए और दागी माइनिंग अधिकारी प्रवीण चंद्राकर को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने जैसी सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए।"
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