गुंडरदेही (बालोद)। शेष माता मंदिर के सामने शासकीय खाली जमीन पर असामाजिक तत्वों द्वारा नशाखोरी करने और मंदिर की पवित्रता भंग करने के विरोध में आज मंदिर के समस्त श्रद्धालुओं ने संयुक्त रूप से प्रशासन को एक तीखा ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), तहसीलदार, सीएमओ (नगर पंचायत) और थाना प्रभारी गुंडरदेही को संबोधित करते हुए प्रस्तुत किया गया है।

असामाजिक तत्वों को मिल रहा है राजनीतिक संरक्षण
सौपे गए ज्ञापन में श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया है कि दूर-दूर से आने वाले भक्तों की आस्था के केंद्र शेष माता मंदिर की पवित्रता को ठेस पहुंचाने के लिए एक राजनीतिक दल द्वारा षड्यंत्र रचा जा रहा है। पूर्व में इस परिसर में दिए गए एक भवन का दुरुपयोग कर बाहर से आने वाले संदिग्ध लोग दिन-रात शराब पीकर गाली-गलौज और हुड़दंग करते हैं। नेताओं द्वारा इन तत्वों को संरक्षण दिए जाने के कारण क्षेत्र में अशांति और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है।
विधायक निधि के आवंटन को निरस्त करने की मांग
भक्तों ने प्रशासन से पुरजोर मांग की है कि पूर्व में दिए गए भवन को तुरंत वहां से हटाया जाए। इसके साथ ही, उक्त स्थल पर किसी भी नए भवन निर्माण की दी गई स्वीकृति या विधायक निधि के आवंटन को तत्काल प्रभाव से निरस्त या स्थानांतरित किया जाए। श्रद्धालुओं का कहना है कि बाहर से आने वाले संदिग्ध लोगों और 'मत्स्य सोसायटी' से जुड़े तत्वों की उच्च स्तरीय जांच की जानी चाहिए, ताकि यह साफ हो सके कि वे किस उद्देश्य से वहां नशाखोरी और असामाजिक गतिविधियां चला रहे हैं।
भविष्य में किसी अनहोनी की जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी
ज्ञापन में स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी गई है कि यदि इस संवेदनशील मामले में त्वरित कार्रवाई नहीं की गई और भविष्य में कोई अप्रिय घटना या दुर्घटना घटित होती है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन, प्रशासन और स्थानीय कांग्रेस विधायक की होगी।
इस दौरान प्रमुख रूप से बी.पी. डिल्लावार, नंदलाल, केशवराम, रुद्र कुमार, जिज्ञासा सहित बड़ी संख्या में मंदिर से जुड़े श्रद्धालुगण उपस्थित रहे।
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