दुर्गा मंदिर के ठीक सामने स्थित डोम शेड निर्माण के लिए आरक्षित खाली जमीन पर 'जय भारती मत्स्य सोसायटी' द्वारा अवैध कब्जा करने और वहाँ असामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का एक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय पुलिस और सतर्कता सूत्रों के अनुसार, इस स्थल पर नशाखोरी की गतिविधियाँ बढ़ रही हैं, जिससे क्षेत्र में किसी बड़ी हिंसक घटना या सांप्रदायिक तनाव के पनपने की आशंका जताई जा रही है।
राजनीतिक षड्यंत्र और कूटरचित पट्टे का आरोप
प्राप्त सूत्रों के अनुसार, इस पूरे मामले में क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि एक राजनीतिक षड्यंत्र के तहत कूटरचित (फर्जी) पट्टे के सहारे धार्मिक सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित व्यक्तियों और संस्था पर धोखाधड़ी व कूटरचना की धारा के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज होने की संभावना तेज हो गई है। स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस विभाग को अलर्ट पर रखा गया है।
संभाग आयुक्त के निर्देश पर उच्चस्तरीय जाँच शुरू
मामले की गंभीरता को देखते हुए संभाग आयुक्त (दुर्ग) ने नगर पंचायत गुंडरदेही के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) की भूमिका और जारी पट्टे की वैधता की गहन जाँच के आदेश दिए हैं। जाँच प्रक्रिया को निष्पक्ष और त्वरित रूप से पूरा करने के लिए अनुविभागीय अधिकारी (SDM) गुंडरदेही तथा जनपद पंचायत की एक संयुक्त जाँच टीम का गठन किया गया है।
प्रशासनिक टीम ने स्थल और संबंधित दस्तावेजों की समीक्षा शुरू कर दी है, और जल्द ही जाँच रिपोर्ट के आधार पर कड़ी वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
नगर पंचायत गुंडरदेही के अध्यक्ष प्रमोद जैन का प्रमुख बयान:
विधायक की गतिविधियों पर रोक: कांग्रेस विधायक को क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवांछित या विवादित गतिविधि करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मद के दुरुपयोग का आरोप: विधायक मद के पैसों का गलत इस्तेमाल कर राजनीति चमकाने का प्रयास कर रहे हैं।
दुर्गा मंदिर निर्माण कार्य: वित्त मंत्री ओपी चौधरी द्वारा बालोद कलेक्टर को दिए गए स्पष्ट दिशा-निर्देशों के आधार पर ही दुर्गा मंदिर से संबंधित कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।
कांग्रेस पर शांति भंग करने का आरोप: 'शांति के टापू' कहे जाने वाले इस क्षेत्र में कांग्रेस विधायक अनावश्यक तनाव और दंगा भड़काकर अपनी राजनीति सेंकना चाहते हैं।
मामला विचाराधीन एवं धारा 144: यह पूरा मामला फिलहाल राजस्व मंडल न्यायालय में विचाराधीन है। स्थिति को देखते हुए क्षेत्र में धारा 144 लागू की जाएगी।
फंस सकते हैं प्रशासनिक अधिकारी: गुंडरदेही थाना प्रभारी द्वारा कूटरचित (फर्जी) पट्टा दस्तावेजों की जांच की जा रही है, जिसमें कई प्रशासनिक अधिकारियों के भी फंसने की पूरी संभावना है।
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