रायपुर

रायपुर DGP डरे पुलिस परिवार से, दीवान ने आरोप लगाया कि नक्सल क्षेत्र में पदस्थ निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के ट्रांसफर करने से बचने के लिए परिवार से मिलने से मना किया ।

42630062026164205.jpg

छत्तीसगढ़ राज्य के DGP अरुण देव गौतम हर मंगलवार को पुलिस कर्मचारियों के परिजनों से मिलते हैं और उनकी परेशानी सुनते हैं लेकिन आज 30/06/2026 का मंगलवार अनोखा रहा क्योंकि DGP से मिलने 08-10 वर्षों से नक्सल क्षेत्र में पदस्थ 200 निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों का परिवार आया था जिन्होंने DGP से मिलने के लिए 4 दिन पहले ही पत्र दे दिया था लेकिन DGP ने उनसे मिलने से मना कर दिया और अन्य दूसरे लोगों से DGP मिलते रहे। इस बात को देख कर ऐसा लग रहा है कि छत्तीसगढ़ के DGP अभी लंबे समय से नक्सल क्षेत्र में तैनात निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों का स्थानान्तरण करने के इरादे में नही है।

निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के परिजनों में काफी रोष देखने को मिला उन्होंने बोला कि हम इतनी दूर से DGP से मिलने आए हैं और DGP ने मिलने से मना कर दिया लगभग 200 निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के माता-पिता, पत्नी, बच्चे, भाई-बहन सभी DGP से पूछने आये थे कि ट्रांसफर कब करेंगे लेकिन DGP जवाब देने से बचने के लिए सीधे नही मिलूंगा बोल दिए। जिन निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों के परिजन आज पुलिस मुख्यालय DGP से मिलने आए थे वे सभी निरीक्षक और उपनिरीक्षक अपने ट्रांसफर के लिए कई बार आवेदन कर चुके हैं जिस पर आज तक सुनवाई नही हुई है और हाईकोर्ट में याचिका लगाने पर पुलिस विभाग की तरफ से जवाब आया कि 3 साल में अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों का मैदानी इलाकों में स्थानन्तरण किया जाता है लेकिन अब यह समझ नही आ रहा है कि अगर 3 साल में अनुसूचित क्षेत्रों में पदस्थ कर्मचारियों का स्थानान्तरण मैदानी इलाकों में किया जाता है तो फिर 8-10 साल से 200 से अधिक निरीक्षक और उपनिरीक्षक नक्सल क्षेत्रों में कैसे फंसे हुए हैं।

सँयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान ने कहा कि DGP 4 घण्टे का पॉडकास्ट कर सकते हैं लेकिन 4 दिन पहले से सूचना देने के बाद भी 1 मिनट के लिए पुलिस परिवार के लोगों से मिलकर उनकी समस्या का हल नही कर सकते हैं, यदि DGP के ऊपर कोई दबाव है तो हमें बताए हम सीधे दबाव बनाने वाले व्यक्ति से बात कर के निष्कर्ष निकालेंगे। आज DGP ने पुलिस परिवार को रोकने के लिए पूरा फोर्स लगा दिया था पुलिस मुख्यालय को पुलिस बल से घेर कर पूरा छावनी बना दिया था और जवाब देने से बचने के लिए परिवार के सदस्यों से मिलने से मना कर दिया इसका मतलब साफ है कि DGP के पास हमारे सवालों के जवाब नही है इसलिए वे ऐसा निंदनीय कार्य किये हैं अन्यथा DGP अगर सही होते तो हमारे सवालों के जवाब देते और पुलिस परिवार के सवालों का सामना करते। आज DGP ने पुलिस परिवार से मुलाकात नही कर के यह साबित कर दिए हैं कि वे किसी भी मुद्दे पर स्वयं निर्णय लेने में हिचक रहे हैं और किसी और के निर्देश का पालन कर रहे हैं उनके इस कृत्य से पूरे पुलिस विभाग के तृतीय श्रेणी पुलिस कर्मचारियों और उनके परिजनों को निराश किया है। पुलिस परिवार के बुजुर्ग माता-पिता, बच्चे, महिलाएं इसके लिए उन्हें माफ नही करेंगे।

एक टिप्पणी छोड़ें

Data has beed successfully submit

Related News

728270520260517561588815.jpg

ताज़ा समाचार

लोकप्रिय पोस्ट

इस सप्ताह
इस महीने
पूरे समय
Location
Social Media

Copyright 2024-25 HeadLinesChhattisgarh - All Rights Reserved

Powered By Global Infotech.