बालोद: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों (बालोद, संजारी-बालोद/डौंडीलोहारा, गुंडरदेही) में कांग्रेस पार्टी के दबाव के कारण अवैध कारोबार और अपराध चरम पर पहुंच गए हैं। क्षेत्र में जगह-जगह अवैध शराब, गांजा और नशीली दवाओं की बिक्री खुलेआम हो रही है, जिससे बालोद जिला पूरी तरह नशे का अड्डा बन चुका है।

हाल ही में पुलिस परिवार की ही एक बेटी पर हुए जघन्य एसिड अटैक की घटना ने जिले को झकझोर कर रख दिया है। इस दिल दहला देने वाली वारदात से स्पष्ट है कि जिले में अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं और आम नागरिक तो दूर, पुलिस का परिवार भी सुरक्षित नहीं है। राजनीतिक दबाव के कारण पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है और अपराधियों पर कार्रवाई करने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।
भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा इस प्रशासनिक नाकामी और लचर कानून-व्यवस्था का कड़ा विरोध करता है। भाजयुमो नेताओं ने कहा कि नशे के कारोबार को मिल रहे राजनीतिक संरक्षण ने युवाओं का भविष्य अंधकार में डाल दिया है और जिले में आए दिन लूट, मारपीट व महिला उत्पीड़न जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं।
भाजयुमो की प्रमुख मांगें:
एसिड अटैक के दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों में अवैध शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों के ठिकानों पर तुरंत बुलडोजर कार्रवाई व छापेमारी की जाए।
पुलिस प्रशासन पर बने राजनीतिक दबाव को समाप्त कर स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से गश्त बढ़ाई जाए।
भाजयुमो ने चेतावनी दी है कि यदि पुलिस और प्रशासन ने अपराधियों पर शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की और जिले को नशा मुक्त कराने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो युवा मोर्चा पूरे जिले में उग्र आंदोलन, चक्काजाम और घेराव करने के लिए बाध्य होगा।
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