दुर्ग (छत्तीसगढ़)। जिला दुर्ग के ग्राम बटरेल (थाना जामगांव आर) निवासी श्रीमती तारिणी चंद्राकर (उम्र 47 वर्ष) ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP), जिला दुर्ग को आवेदन सौंपकर जामगांव (आर) थाना में पदस्थ प्रधान आरक्षक पंकज सिंह राजपूत के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
घटना का विवरण:
पीड़िता श्रीमती तारिणी चंद्राकर, जो कि ग्राम बटरेल में 'बटरेल जनरल स्टोर्स' नाम से दुकान संचालित करती हैं, ने शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि दिनांक 21 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 1:00 बजे वह खाना खाने अपने घर गई हुई थीं। उस समय दुकान पर उनका लड़का बैठा था।
इसी दौरान जामगांव (आर) थाना के प्रधान आरक्षक पंकज सिंह राजपूत अचानक दुकान के अंदर आ गए और बिना किसी अधिकार के इधर-उधर घूमकर चेकिंग करने लगे। जब पीड़िता के बेटे ने अंदर आने का कारण पूछा, तो प्रधान आरक्षक ने आरोप लगाया कि "तुम गुड़ाखू (पान-मसाला) बेचते हो।" पीड़िता के बेटे द्वारा यह स्पष्ट किए जाने पर कि दुकान में गुड़ाखू नहीं बेचा जाता है, पुलिसकर्मी भड़क गए और धमकाते हुए कहा कि "मुझे ₹400 का चालान काटना ही पड़ेगा, वरना पैसे दो नहीं तो तुम्हारी दुकान सील कर दूंगा।"
अवैध वसूली व बदतमीजी का आरोप:
पीड़िता के अनुसार, उक्त पुलिसकर्मी ने दुकान में जबरन घुसकर अभद्रता की, गुड़ाखू बेचने के झूठे नाम पर चालान काटने की धमकी दी और अवैध रूप से पैसों की मांग की। दुकान सील करने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित भी किया गया।
कड़ी कार्रवाई की मांग:
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक महोदय से गुहार लगाई है कि वर्दी का दुरुपयोग कर आम नागरिकों को डराने-धमकाने और अवैध वसूली की कोशिश करने वाले प्रधान आरक्षक पंकज सिंह राजपूत के खिलाफ उचित निष्पक्ष जांच कराई जाए और उनके विरुद्ध सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाए।
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