भिलाई, स्टेशन मरोदा रिसाली मंदिर भगवान झूलेलाल के अवतरण दिवस और सिंधी नववर्ष 'चेट्री चंड' के पावन अवसर पर आज भिलाई में भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर सिंधी समाज के प्रमुख प्रतिनिधियों ने मीडिया से चर्चा करते हुए समाज की एकता और सेवा का संदेश साझा किया।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य वक्ता ने कहा कि भगवान झूलेलाल जल और ज्योति के देवता हैं, जिन्होंने सदैव मानवता और सद्भाव का मार्ग दिखाया है। चेट्री चंड का यह पर्व न केवल सिंधी संस्कृति की पहचान है, बल्कि यह आपसी भाईचारे और नई शुरुआत का प्रतीक भी है।
आयोजन की मुख्य विशेषताएँ:
पारंपरिक पूजा-अर्चना: सुबह भगवान झूलेलाल की विशेष आरती और पल्लव का आयोजन किया गया।
सांस्कृतिक संदेश: समाज के वरिष्ठजनों का सम्मान किया गया और सिंधी टोपी व दुपट्टा पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया गया।
मीडिया संवाद: कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न समाचार माध्यमों से चर्चा करते हुए आयोजकों ने बताया कि इस वर्ष का उत्सव शांति और प्रदेश की खुशहाली को समर्पित है।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में 'ताहिरी' (मीठे चावल) का प्रसाद वितरित किया गया और सभी ने एक-दूसरे को 'चेट्री चंड जूं लख लख वाधायूं' कहकर बधाई दी।
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